हिंदी पखवाड़ा : 14 से 28 सितंबर (चौदह से अट्ठाईस सितंबर)
पुस्तकालय और हिंदी:
पुस्तकालय ज्ञान का वह मंदिर है जहाँ भाषा और साहित्य फलते-फूलते हैं। हमारे पुस्तकालय में प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन और रामधारी सिंह 'दिनकर' जैसे महान साहित्यकारों की समृद्ध कृतियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।
विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा:
हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरव है। सभी विद्यार्थियों से अनुरोध है कि वे पुस्तकालय आएं, हिंदी पुस्तकों को पढ़ें और अपनी शब्दावली तथा ज्ञान को समृद्ध बनाएं।
पखवाड़ा गतिविधियाँ:
हिंदी पखवाड़े के दौरान पुस्तकालय में पुस्तक प्रदर्शनी, स्वरचित कविता पाठ, पुस्तक समीक्षा और निबंध लेखन जैसी कई ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। सभी छात्र-छात्राएं इनमें बढ़-चढ़कर भाग लें।
सद्वाक्य (स्लोगन):
"किताबों से दोस्ती बढ़ाएं, हिंदी भाषा का मान बढ़ाएं।"
"निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।"
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